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Tulsi mata ki aarti

तुलसी माता की आरती - Tulsi mata ki aarti


!! जाके पत्र मंजर कोमल, श्रीपति कमल चरण लपटानी
धुप दीप नैवेद्य आरती, पुष्पन की वर्षा बरसानी !!

!! छप्पन भोग छत्तीसो व्यंजन, बिन तुलसी हरी एक ना मानी
सभी सखी मैया तेरो यश गावे, भक्तिदान दीजै महारानी !!

तुलसी महारानी, नमो नमो, हरी की पटरानी नमो नमो
धन तुलसी पूरण, तप कीनो, शालिग्राम बनी पटरानी !!



जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता  
बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता..

लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।

हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।





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