Ads (728x90)



16 श्रृंगार- बिंदी (Bindi) - सुहागन महिलाएं कुमकुम या फिर सिंदूर से अपने माथे पर भवों के बीच लाल बिंदी लगाती हैं, बिंदी को विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है, 16 श्रृंगार में बिंदी (Bindi) का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है आइये जानते है 16 श्रृंगार में बिंदी का महत्व- Importance of Bindi in 16 Shringar -

16 श्रृंगार में बिंदी का महत्व-  Importance of Bindi in 16 Shringar

बिंदी (Bindi) को विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है बिंदी (Bindi) स्त्रियों की सुन्दरता के साथ साथ एकाग्रता शक्ति को भी बढाती है ऐसा माना जाता है की बिंदी (Bindi) का संबंध हमारे मन से जुड़ा हुआ है जहां बिंदी (Bindi) लगाई जाती है वहां हमारा आज्ञा च्रक होता है जिसे ध्यान च्रक भी कहा जाता है यह भाग हमारे मन को नियंत्रण में रखता है इसलिए बिंदी (Bindi) को माथे की बीच में लगाया जाता है जब हम बिंदी (Bindi) लगाते है तो उसका असर हमारी आखों पर पड़ता है जिससे सिरदर्द की परेशानी ख़त्म हो जाती है आज्ञा च्रक पर बिंदी (Bindi) लगाने से वहां दबाब पड़ता है जिससे साइनस के मरीज को भी आराम मिलता है बिंदी (Bindi) लगाने से रक्त संचार तेजी से होता है इसलिए हमारे चहरे पर झुर्रियों भी नहीं आती है चहरे की एक नस हमारे कानों की नस से जुडी होती है इसलिए लिए जब हम बिंदी (Bindi) लागते है तो आज्ञा च्रक पर दबाव बनता है जिससे हमारी सुनने की शक्ति बढती है, हिन्दू धर्म के अनुसार यह भगवान शिव के तीसरे नेत्र का प्रतीक मानी जाती है तथा शास्त्रों में बिंदी को परिवार की सुख तथा समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। 

Tag - Importance of Bindi in 16 Srangar in Hindi, Bindi, Significance of wearing 'Dot', What is the importance of bindi and sindhur for Hindu women



Post a Comment