Ads (728x90)







शीतला माता का मन्त्र तथा आरती - Sheetla Mata Ka Mantr Tatha Aarti

(मन्त्र )

वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्।।
मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।।

  अर्थात -  है दिगम्बरा, गर्दभ वाहन पर विराजित, शूप, झाड़ू और नीम के पत्तों से सजी-संवरी और हाथों में जल कलश धारण करने वाली माता को प्रणाम हैं 

(आरती) 

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता
ॐ जय शीतला माता...

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता
ॐ जय शीतला माता... 

रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता,
ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें
जगमग छवि छाता
ॐ जय शीतला माता... 

विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता,
वेद पुराण बरणत,वेद पुराण बरणत
 पार नहीं पाता 
ॐ जय शीतला माता...

इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा,
सूरज ताल बजाते,सूरज ताल बजाते
  नारद मुनि गाता 
ॐ जय शीतला माता...

घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता,
करै भक्त जन आरति ,करै भक्त जन आरति
 लखि लखि हरहाता
ॐ जय शीतला माता...

ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता,
भक्तन को सुख देती ,भक्तन को सुख देती
मातु पिता भ्राता
ॐ जय शीतला माता...

जो भी ध्यान लगावें प्रेम भक्ति पाता 
सकल मनोरथ पावे,सकल मनोरथ पावे
 भवनिधि तर जाता
ॐ जय शीतला माता...

रोगन से जो पीड़ित ,शरण तेरी आता,
कोढ़ी पावे निर्मल काया ,कोढ़ी पावे निर्मल काया
अंध नयन पाता  
ॐ जय शीतला माता...

बांझ पुत्र को पावे दारिद्र कट जाता 
ताको भजै जो नाहीं ,ताको भजै जो नाहीं
सिर धुनि पछिताता
ॐ जय शीतला माता...

शीतल करती जननी तू ही है जग त्राता 
उत्पत्ति व्याधि विनाशत ,उत्पत्ति व्याधि विनाशत
तू सब की माता  
ॐ जय शीतला माता...

दास विचित्र कर जोड़े सुन मेरी माता,
भक्ति आपनी दीजे ,भक्ति आपनी दीजे
और न कुछ भाता
ॐ जय शीतला माता..

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता
ॐ जय शीतला माता...

Tag-शीतला माता का मन्त्र तथा आरती - Sheetla Mata Ka Mantr Tatha Aart



Post a Comment