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 Bhat Nyotne Tatha Pahnne Ki Rasm


भात न्योतने तथा पहनने की रस्म - Bhat Nyotne Tatha Pahnne Ki Rasm 

शादियों में बहुत रस्म होती है उनमे से एक रस्म है  भात न्योतने की रस्म यह रस्म वर तथा कन्या पक्ष दोनों के यहाँ होती हैकिसी किस के यहाँ यह रस्म शादी से एक दिन पहले या शादी वाले दिन की जाती है यह रस्म भगवान  कृष्ण के समय से ही चली आ रही है श्री कृष्ण नसरी के यहाँ उसकी पत्नी के भाई बनकर भात भरने आये थे इसलिए शादी तय होने के बाद वर तथा कन्या की माँ किसी शुभ दिन को  अपने  भाई के यहा भात न्योतने अपनी देवरानी तथा जेठानी को साथ लेकर जाती है भाई के घर वो मिठाई फल एक गुड़ की भेली
लेकर जाती है भाई इस को स्वीकार करता है और बहन के यहाँ भात लेकर जाता है बहन के घर सबके के लिए कपडे ,बर्तन ,गहने ,और वर तथा कन्या के लिए कपडे तथा कन्या के लिए कान तथा नाक के लिए गहने भी मामा के लेकर आते है   भाई बहन के यहाँ सभी को चौक पर कपडे देता है जिसे भात पहनना कहते है फिर बहन अपने भाई की आरती करती है और सभी महिलाए मिलकर भात के गीत गाती  है

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