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हिन्दू विवाह में तरह-तरह के रीति-रिवाजों तथा परंपरा होती हैं वैसे तो शादियों में सबके यहाँ अगल-अलग प्रकार की रीती-रिवाज होते है लेकिन कुछ रिवाज सबके यहाँ एक जैसे होते है जिनके बारे में जानने के लिए दुनिया भर के लोग उत्साहित होते हैं 
   
 Shadiyon Main Ratjagaa Ki Rasm

शादियों में रतजगा की रस्म  -Shadiyon Main Ratjagaa Ki Rasm 



भारतीय शादी की परंपरा को विदेशों में भी लोग बहुत पसंद करते हैं अलग-अलग संस्कृति के लोग अपनी शादी में अपने तरीके से रस्में तथा रीती रिवाज़ करते हैंं शादी की रस्मे कई दिनों पहले ही शुरू हो जाती हैंं और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है उनमे से एक रस्म है रतजगा की रस्म यह रस्म लड़का तथा लड़की दोनों के घर पर होती है यह रस्म हल्दी से एक दिन पहले रात्रि में की जाती है इसी दिन से शादी की सभी रीती -रिवाज शुरू हो जाते है रतजगा वाली रात को रात को मिट्टी के सकोरे में चावल, सुपारी, हल्दी, कलावा, दूब,1 रुपया रखकर दीया जलाया जाता है इस दिन सभी महिलाए मिलकर रतजगा के गीत,तेल के गीत ,मेहँदी, जकड़ी व दीवला आदि के गाती है रतजगा की रात को की अपने देवताओं का आगमन किया जाता है जिसे बायबंद कहा जाता है अछुता पूजन के लिए खिकड़ी तथा पुए भी इसी रात को बनाये जाते है है इस दिन गीत गाने के बाद सभी महिलाओं को मेंहदी बांटी जाती है इसके अगले दिन अछुता पूजन तथा हल्दी लगाने की रस्म लड़का तथा लड़की दोनों के घर की जाती है

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