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 Banni ke Geet - Kahin Pe Nigahen

बन्नी के गीत - कहीं पे निगाहें - Banni ke Geet - Kahin Pe Nigahen 


कहीं पे निहागें कहीं पे निशाना 
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना 
टीका न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना
झूमर  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना 
हरवा  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना
झूमर  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना
कंगन  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना
पायल  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

कहीं पे निहागें .........
बन्ना हुआ है बन्नी का दीवाना
चुनर  न छुओ बन्ना पड़े शरमाना 
दादी देखंगी डे देंगी हमै ताना 
काहे को बन्नी पड़ेगा शरमाना 
आज कल के फैशन का यही है ज़माना

Tag - बन्नी के गीत - कहीं पे निगाहें - Banni ke Geet - Kahin Pe Nigahen 



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