Ads (728x90)



 Mata Ke Lokgeet- Menhdi  Ke Geet

माता के लोकगीत -  मेहंदी के गीत -Mata Ke Lokgeet- Menhdi  Ke Geet

धांधू पूछे बात 
धनिया कहाँ रचाये हाथ 
बड़े बूढ़े पूछे बात 
धनिया कहाँ रचाये हाथ 
में तो गई भवन के पास 
मेने पकडे मेहदी के पात 
मेने तोड़े मेंहदी के पात 
मेने पीसी सारी  रात 
मेरे रच गए दोनों हाथ 
मेने गायो सारी रात 
बजायो सारी रात 
महामाई की मेहदी बड़ी रचनी 
अलबेली की मेंहदी बड़ी रचनी

(इसी तरह अपने सभी घरवालों के नाम लेती जाए )



Post a Comment