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 - Mata Ke Lokgeet- Pankha

 माता के लोकगीत - पंखा - Mata Ke Lokgeet- Pankha 

 मेरी अधिक लाडली को बिजना 
मेरी सावली सलोनी को बिजना 

जामे लटक रहे फुद्नी फुदना 
मैया लोंगन वृक्ष तुम्हरे अंगना 
गुगुर वृक्ष तुम्हरे अंगना 
मैया रुपया नारियल तुम्हरे अंगना 
मैया घी आठावरी तुम्हरे अंगना 
लचपाच हलवा तुम्हरे अंगना 
मैया रुपया नारियल तुम्हरे अंगना 
चढ़ाये रहे जाती तुम्हरे अंगना 
मेरी अधिक लाडली को बिजना 
मेरी सावली सलोनी को बिजना 

मैया लंगना चुनरी तुम्हरे अंगना 
मैया हरी हरी चूड़ियाँ तुम्हरे अंगना 
अंगना जिमाय रहे कन्या
 लागूर महक रहो सरो भावना 
 मेरी अधिक लाडली को बिजना 
मेरी सावली सलोनी को बिजना

Tag- माता के लोकगीत - पंखा, - Mata Ke Lokgeet- Pankha,



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