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भारत विभिन्न प्रकार के जातियों वाला देश है सभी के अलग अलग रीती-रिवाज होते है लड़के की शादी घुड़चड़ी या निकरौसी की रस्म की जाती है यह रस्म बहुत ही महत्वपूर्ण होती है इसी रस्म के बाद वर वधु के यहाँ बारात लेकर जाता है आइये जानते है शादियों में घुड़चड़ी की रस्म के बारे में  Shadiyon main Ghudchadi Ki Rasm 

Shadiyon main Ghudchadi Ki Rasm

शादियों में घुड़चड़ी की रस्म -Shadiyon main Ghudchadi Ki Rasm 

शादी वाले  दिन शाम को दूल्हा पक्ष के घर घुड़चड़ी या निकरौसी की रस्म की जाती है घुड़चड़ी होने के बाद बारात सीधे दुल्हन पक्ष के यहाँ पहुच जाती है घुड़चड़ी में पंडित जी द्वारा लडके से पूजा कराया जाया है यह रिवाज सभी के यहाँ अलग अलग तरह से की जारी है दूल्हा के यहाँ से 5 मान पक्ष के लोग आकर सुत पूरते है पूजा के बाद पंडित जी लड़के को जनेऊ पहनाते है  इसके बाद लड़के के जीजा या कोई मान पक्ष वाला आकर दुल्हे को शादी के लिए तैयार करते है सभी महिलाए मिलकर दुल्हे की मोहर तथा पनैया का पूजन करती है इसके बाद दूल्हा  अपनी मोहर तथा पनैया पहनकर तैयार होता है दुल्हे की बहन लड़के की आरती करती है इसके बाद दूल्हा घोड़ी पर बैठ कर  घुड़चड़ी या निकरौसी के लिए निकल जाता है वहां दूल्हा की माँ तथा दूल्हा दोनों मिलकर कुआ पूजन करते है उसके बाद दूल्हा बारात लेकर लड़की के घर चला जाता है 

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