लग्न सगाई की रस्म -Lagn Sagai Ki Rasm

हमारे हिन्दू धर्म में शादी सबसे महत्वपूर्ण बंधन हैं शादी तय होने के बाद लड़का और लड़की दोनों के घर में खुशियॉ की लहर सी दौड जाती है गोद भराई के बाद सबसे पहली रस्म लग्न या सगाई होती है लग्न का कार्यक्रम लड़की के घर तथा सगाई का कार्यक्रम लड़के के घर होता है



लग्‍न की रस्‍म - Lagn Ki Rasm

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शादी के सभी मांगलिक कार्य में सर्वप्रथम भगवान गणेश का तथा भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन किया जाता है लग्न का कर्यक्रम लड़की के घर होता है इस दिन लड़की के घर में आटे से चौक बनाकर उस पर मिट्टी् का कलश रख कर उसके सामने लड़की को बिठाया जाता हैं फिर लड़की के पिताजी या भाई लड़की की गोद में लग्न का सामान रखते हैं उसके बाद पंडित जी द्वारा शुभ महूर्त में लग्नपत्रिका व् पीली चिट्ठी् लिखी जाती हैं लग्नपत्रिका में चावल हल्दी सुपारी तथा चांदी का सिक्का रखकर लग्नपत्रिका तथा लग्न का सामान लेकर लडकी पक्ष वाले  लड़के के घर सगाई करने जाते हैं 

सगाई की रस्‍म - Sagai Ki Rasm

सगाई की रस्म लड़के के घर में बहुत धूम धाम से मनाई जाती है लड़की के घरवाले तथा रिश्तेदार लड़के के घर सगाई करने जाते हैं लड़के वाले लड़की वालों का स्वागत बहुत आदर के साथ करते हैं यहाँ भी सबसे पहले गणेश जी का पूजन किया जाता है इसके बाद सगाई का कार्यक्रम शुरू होता है लड़की के भाई या पिताजी लड़के का तिलक करते है और सगाई का सामान देते हैं  सगाई के सामान में 5 बर्तन 5 कपडे 1 नारियल 1 अंगूठी, मिठाई, फल ,मेवा आदि होता है ये सामान लड़का अपनी माँ की गोद में रखता है उसके बाद लग्न सगाई के गीत गाये जाते है तथा लड्डू तथा बताशे बाटें जाते हैं

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