16 श्रृंगार - कानों के कुंडल का महत्व - Importance of Earrings in 16 Shringar

16 श्रृंगार- कानों के कुंडल ( Earrings) -16 श्रृंगार में कुंडल ( Earrings) की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है शादी होने के बाद हर सुहागन महिला को कुंडल (Earrings)पहनना जरुरी होता है ( Earrings) कुंडल महिलाओं के कानों की सुन्दरता बढ़ा देते है आइये जानते है 16 श्रृंगार - कानों के कुंडल का महत्व - Importance of Earrings in 16 Shringar




 16 श्रृंगार -  कानों के कुंडल का महत्व - Importance of Earrings in 16 Shringar

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कुंडल ( Earringsकानों में पहना जाने वाला औरतों का एक सुन्दर गहना होता है कानो के कुंडल( Earrings) महिलाओं की सुन्दरता में चार चाँद लगते है इसको झुमका,कर्णफूल,कान की बाली , कुंडल ( Earrings)आदि कई नामों से जाना जाता है महिलाओं के श्रृंगार कुंडल( Earrings) के बिना अधूरा माना जाता है ऐसा माना जाता है की सुहागन महिलाओं को बिना कान में कुंडल ( Earringsपहने कभी नहीं रहना चहिये वैसे तो कुंडल( Earrings) सोने तथा चाँदी के होते है

 लेकिन आज कल बाजार में यह कई धातु तथा डिजाइन में मिलते है कान में बाली ( Earringsपहनने से महिलाए सुन्दर दिखने के साथ साथ स्वस्थ भी रहती है वैज्ञानिकों का मानना है की कान में कुंडल( Earrings) पहनने से महिलाओं को कई स्वास्थ लाभ   भी होते है ऐसा माना जाता है की हमारे कान की एक नस दिमाग तक जाती हैजहाँ हम कुंडल ( Earrings)पहनते है वहां एक्यूप्रेशर प्वाइंट (Acupressure Point) होता है  इसलिए कान में बाली या कुंडल( Earrings) पहनने से कान के एक्यूप्रेशर प्वाइंट (Acupressure Point)  पर दबाव पड़ता है जिससे महिलाओं को किडनी तथा ब्लेडर की समस्या कम होती है  कान छिदवाने से इस नस में रक्त संचार नियंत्रित रहता है तथा हमारे सोचने के शक्ति बढ़ती है और दिमाग शांत रहता है

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