माता के लोकगीत -ज्वाला माता के गीत -Mata Ke Lokgeet- Jvala Mata Ke Geet

 Mata Ke Lokgeet-  Jvala Mata Ke Geet

माता के लोकगीत -  ज्वाला माता के गीत -Mata Ke Lokgeet-  Jvala Mata Ke Geet 

ओ जाती मेरे ज्वाला परस घर अइयो 
मेरे घर में है ससुर जी तो ससुर जी कुं लाठी लइयो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 
मेरे घर में है सास मेरी तो सास कुं चरावा लइयो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 
मेरे घर में छोटी ननद तो ननद कुं गुडिया लइयो 
मेरे घर में नन्हे बच्चा तो बच्चो कुं खडुआ लेतो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 
मेरे घर में देवरी जेठानी तो उनकू चुन्दरिया लइयो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 
पांच रुपया बड़ो रे नारियल दुर्गा की भेट चढ़इयो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 
हरो हरो पीपल द्वार वीराजे लाल ध्वजा फाहराइयो 
ज्वाला के जाती ज्वाला परस घर अइयो 

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