माता के लोकगीत - माता का भोग तथा बीड़ा (पान) -Mata Ke Lokgeet- Mata ka BhogTatha Binda (Paan)


माता के लोकगीत - माता का भोग तथा बीड़ा (पान) -Mata Ke Lokgeet- Mata ka BhogTatha Binda (Paan)

माता का भोग 

भोग ले मेरी आदि भवानी भोग ले 
 घी अठावरी को भोग ले मेरी आदि भवानी 
चना  हलवा को भोग ले मेरी आदि भवानी भोग ले 
मांग सिंदूर लागे ले मेरी आदि भवानी 
माथे पर बिंदी लगाय ले मेरी आदि भवानी 
नैंनन कजरा लगाय ले मेरी आदि भवानी 
 होठं पर लाली लगाय ले मेरी आदि भवानी 
पायन महावर लगाय ले मेरी आदि भवानी 
 अनवट बिछिया पहन ले मेरी आदि भवानी 
लाल चुनरिया पहन ले मेरी आदि भवानी 
 तोय न भाये तो मोय दे मेरी आदि भवानी 

माता का बीड़ा 

धांधू ने बीड़ा भेजा जय जय भोरी माँ 
मौवे के पान मगाय्ये जय जय भोरी माँ 
जुनागढ़ से चाइना आया जय जय भोरी माय 
 कलकत्ता से कत्था  आई  जय जय भोरी माय 
हाथरस से सुपारी आई  जय जय भोरी माय 
अलीगढ से इलाइची आई  जय जय भोरी माय 
 दुर्गे के होठ रचाये  जय जय भोरी माय 
अबला के होठ रचाए  जय जय भोरी माय

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